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Showing posts from February, 2020

मोल भाव

"एक बात पूछनी थी।  पर्सनल सा है... " "हमम!" "पूछूँ ?" "पूछ लो।  पूछने का परमिशन है।  पर जवाब की गरंटी नहीं!" "तो फिर रहने दो!" "अरे! रिस्क भी तो कोई चीज़ होता है।  नहीं पूछा तो जवाब न मिलना पक्का है! पूछो तो फिफ्टी! फिफ्टी!!" "अच्छा बढ़ाओ थोड़ा!  पचहत्तर कर लो!" "अरे नहीं नहीं! पचहत्तर  बहुत ज्यादा है! साठ कर सकती हूँ!" "कोशिश तो करो! हो जायेगा।"  "अच्छा चलो! न तुम्हारी न मेरी!  सत्तर पर फाइनल करते है! इससे बेहतर गारंटी कहीं नहीं मिलेगा! बता देती हूँ!' "उफ़्फ़ ये जान लेवा है मोल भाव तुम्हारे!!" 

हर गुलाबी , गुलाबी नही होता!

"अच्छा ये साड़ी देखो!" "हमममम....." "ओके! हमममम है। उमममम नही।" "हां यार । क्या बताऊँ , गुलाबी मुझे पसंद नही!"  "अच्छा?! और ये साड़ी का क्या? पिछले साल तो बहुत ही पसंद आई थी ये! " "ये? ये तो बहुत ही अच्छी है यार!  तुम भी कमाल करती हो! अब हर गुलाबी , गुलाबी थोड़े ही न होता है!! " "तो गुलाबी पसंद नही मतलब क्या? कैसा गुलाबी? पिंक नहीं पसंद, के मैजंटा? पॉवडर पिंक?  फ्यूशिया पसंद है? या फ्यूशिया ही वो गुलाबी है जो तुम्हे पसंद नही?" "अरे बाप रे! ये सब क्या है?" "सब गुलाबी है! " "मुआफ़ करो!! बख्श दो! गुलाबी पसंद है मुझे!"

नाम में क्या रखा है!

"इन का नाम क्या बताया? ज़रा फिर से बताइये!" "अरे नाम में क्या रखा है!" "सो तो है, पर बहुत खूबसूरत है!" "अच्छा?! नाम? के ये?" "उमममम ..... दोनों !"

जग लाल लाल दिखे है मुझको!

"तुम लोगों ने लाल पहना है? पिटोगे तुम सब!" "क्यों ?"  "अरे Valentine's day पर लाल पहनना मना होता है।"  "कौन मना करता है ?" "अरे वही! नारंगी-पसंद लोग!" "तुमने भी तो पहना है!" "मेरा चेक डिज़ाइन वाला है।  तुम लोगों को देखो, पूरा का पूरा लाल! जैसे  साक्षात बग़ावत की मूर्तियां!" "अरे नहीं तुम भी फँसोगी! हमारे साथ जो खड़ी हो!" "ओह! वैसे भी मेरा डिफेन्स तैयार है! उन्हें देखते ही मै "वंदे मातरम" कहूंगी! " "और मैं ... भारत माता की जय!!" "अरे अब मैं क्या बोलूं?! गुड आईडिया! मैं "जन गण मन" गाना शुरू कर दूंगी! सब मारपीट बंद!  अब  कोई देशद्रोही थोड़े ही  न  होगा उन में!!"

बस यही एक बुरी बात!

"सुनो, कोई अच्छा सा डिज़ाइन सुझाओ। " "क्यों?" "सोच रहा हूँ, tattoo बनवा लूँ।" "ये अजीबो-गरीब ख़याल क्यों?" "अरे cool लगता है काफी! सोच रहा हूँ cool बना जाए!"  "अच्छा?! कुछ लिखवाना है के डिज़ाइन चाहिए?" "नही नही! लिखना कुछ नही है। नही तो तुम अपना नाम लिखवाने बोलोगी!" From Google "उफ़्फ़! ऐसा तो मैंने सोचा भी नही! " "बच गया!! नही तो सैफ़ ने सबका बेडा गर्क कर रखा है!! वैसे छोटा सा कोई डिज़ाइन बताना।" "क्यों?" "सुना है बहुत दर्द होता है। सच है क्या?" "सुना तो है!" "ओह हो!  चलो तुम भी  साथ।  बना लो तुम भी कोई डिज़ाइन!" "अरे! मैं क्यों?" "दर्द होगा न... तो दोनो साथ रहेंगे!" "अच्छा?!  तुम तो मर्द हो! सैफ़ जैसे। फिल्मों में सुना है मर्द को दर्द नही होता।" "हममम..."  "और वैसे  भी,  जनाब को cool बनना था। मुझे नही।" "बस यही एक ख़राबी है तुम में!...

नंबर वन चॉइस!

"बाथरूम पूरा बनवाना था यार!" "क्यों? पैसा ज्यादा हो गया है?"  "हाँ!" "अच्छा! फिर तो बनता है!" "है न? तो मैंने एक मिस्त्री को बुलाया था।   अब पता कैसे करुँ सही पैसे बताया के नहीं ?"  "कल क्यों नहीं बो ला  मुझे?"  "क्या करते?" "देख लेता एक बार आ कर!" "अच्छा! फिर तुम एस्टीमेट देते?" "अरे नहीं मुझे इसके बारे मे कुछ भी नहीं पता!" "फिर तो अच्छा किया नहीं बताया!"  "हाँ! सही बोला!"  "वैसे भी ये मिस्त्री मेरा नंबर वन चॉइस है! तो करवा ही लेती हूँ इससे!" "करवा लो!  पर बोला अब के बिलकुल गलत!! तुम्हारा नंबर वन चॉइस मैं हूँ!" "उफ़! तुम  भी  ना..... क्या बताऊं अब मैं ... लाखों में एक हो!" "बस लाखों में!!?" 

काली के चार हाथ!

"ये तुम्हारा इस फोटो में हाथ बांधकर खड़े होना थोड़ा अजीब है!"  "कैसे?"  "अरे पीछे वाली को देखो हाथ ऊपर है उसके सामने तुम खड़ी हो ! मूड ही बदल दिया उसका!"  "ओह हो! तुम ही मुझे काली बोलते हो न? तो ऐसे सोचो के मैं काली हूँ! दो हाथ डिफेन्स मुद्रा में, दो हाथ ऑफेन्स मुद्रा में ! अब ठीक है?"  "हाँ! अब ठीक है! पर जुबां तो बाहर निकाल लेती तुम, सही इंटरप्रिटेशन में मदद के लिए!"  "कैसे निकालती? पैरों तले तुम जो नहीं थे!"  "अरे उस विजुअल की ज़रूरत ही क्या है? वो तो सर्वजन-विदित है! परम सत्य है!" "उफ़!"

गोरा-काला: कोलोनियल हैंगओवर

"माँ, हमारी एक फ़ोटो खींच दो!" "उफ़्फ़! कैसे गला पकड़ा हैं तुने उसका!! छोड़ दे  और रोशनी में आ, वरना  दिखेगा  नही! कितनी गोरी हैं देख ये! और तु!!??" "अरे छोड़ दो  अब ये सब गोरा-काला वाला कोलोनियल हैंगओवर!! अंग्रेज़ गए सत्तर साल हो गए! और इसके गोरे होने पर खुश होने का क्या है? इसे तो deficiency है!!" "आय हाय!! क्या deficiency है? कब हुआ? मुझे तो पता ही नहीं! "Melanin* deficiency है इसे, माँ। जनम से!" * Melanin  is a skin pigment. It occurs in both humans and animals, and is what makes hair, skin, and eyes appear darker. 

दुआओं का हिसाब किताब

"मुझे सौ रुपया दे देना! " "क्यों भला?"  "आज दरगाह में धागा बाँधा था। तुम्हारे लिए! " "अच्छा!! मेरे लिये बाँधा?" "हाँ यार! उतने ही पैसे थे। फिर भी!"  "वाह! क्या मांगा?" "ऐसा हो के मैं  हमेशा  तुम्हे ओढ़ू, तुम्हे बिछाऊं,  तुम पर छप जाऊं, तुम में खोऊं और तुम  ही में पायी जाऊं। हमेशा!!" "बढ़िया! वैसे ये दुआ मेरे लिए कैसे  था?" "और नहीं तो? ऐसा नही हुआ तो सोचो तुम्हारा क्या होगा!  दिल कितना बड़ा है मेरा!" "सच मे! ये तो सोचा ही नहीं!  मानना पड़ेगा!! बहुत ही बड़ा दिल है  तुम्हारा ! " "फिर नहीं तो?!  बस  पैसे दे देना तुम। " "ज़रूर!! सूद समेत! "