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जग लाल लाल दिखे है मुझको!

"तुम लोगों ने लाल पहना है? पिटोगे तुम सब!"

"क्यों ?" 

"अरे Valentine's day पर लाल पहनना मना होता है।" 

"कौन मना करता है ?"

"अरे वही! नारंगी-पसंद लोग!"

"तुमने भी तो पहना है!"

"मेरा चेक डिज़ाइन वाला है।  तुम लोगों को देखो, पूरा का पूरा लाल! जैसे  साक्षात बग़ावत की मूर्तियां!"

"अरे नहीं तुम भी फँसोगी! हमारे साथ जो खड़ी हो!"

"ओह! वैसे भी मेरा डिफेन्स तैयार है! उन्हें देखते ही मै "वंदे मातरम" कहूंगी! "

"और मैं ... भारत माता की जय!!"

"अरे अब मैं क्या बोलूं?! गुड आईडिया! मैं "जन गण मन" गाना शुरू कर दूंगी! सब मारपीट बंद! अब कोई देशद्रोही थोड़े ही न होगा उन में!!"

Comments

  1. अगर ये डिफेंस वाला आईडिया सुबह मिला होता तो आज पक्का लाल कपड़े और लाल फूलों के साथ सेलिब्रेट करती।

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  2. बहुत खूब।।।

    ज़मीन, पानी, मजहब, और अब रंग भी बांटा उन्होंने.

    Love your style of writing, as always.

    Wonder how they have not objected to this, till now.



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    Replies
    1. Thank you Sudeshna di. They have blocked posting this in FB. Thankfully my friend Naresh found a convoluted way out. You try posting this and you will see that it is blocked.

      Delete
  3. Agar inqalab jindabad keh diya toh🤔

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  4. Laal hamara to ishq ka hai, unka bagawat ka.

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