"आज मै तुम्हारे घर आते आते रह गया!"
"मेरे घर आ रहे थे? क्यों? हमारी बात तो नहीं हुई थी!"
"अरे सुनो तो! मैंने ऑफिस से जब उबर बुक किया तो मेरे घर के बदले तुम्हारा घर का पता लिया अपने आप!"
"मेरे घर का? ये कैसे? भूख लगी थी क्या तुम्हे?""पता नही! फिर लाजपत नगर फ्लाईओवर देख कर समझ आया ये तो कहीं और जा रहा है.. "
"ओह हो!"
"हाँ! फिर मैंने जल्दी से एड्रेस चेंज किया! पिछले दिन तुमने जो कच्चे आलू खिलाये थे, वो याद आ गए! ऑटो को बोला, टर्न अराउंड!"
"बहुत सही किया! बहुत ही सही!! वरना आलू आज तुम्हारे माथे पर बनते! साल में चालिस दिन खाना खाते हो इधर, एक दिन का कच्चा आलू याद है! उनतालीस दिन का उम्दा पकवान नही! बहुत सही किया ऑटो मोड़ लिया। इधर आना भी मत तुम!"

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