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अपनी-अपनी श्रद्धा है

"हम बेकार मे टिकट तो नही ले रहे? 5 ही बजे तक खुला रहता हो तो?"

"अरे! मैं बोल रही हूँ ना, सन-सेट तक का टाइम है! चलो टिकट लेते हैं।"

टिकट के लाइन में पीछे से,
"भाईसा'ब! ये सुंदर नर्सरी कब तक खुला रहेगा?"

पूरे शिद्दत के साथ पीछे घूमकर: 

"देखिए भाईसाब! मुझे तो पता नहीं पर ये बोल रहीं हैं के अभी काफी टाइम है। और मैं इन पर भरोसा कर रहा हूँ। आप अपनी देख लो। आख़िर में सब अपनी-अपनी श्रद्धा है!"





Comments

  1. Sunder nursery me ek sunder Stree..

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  2. That is a very surprising take on 'apni apni shraddha' 👍

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  3. धूप छाँव-छाँव धूप

    चेहरे पर बालों की छाँव

    चले पाँव धूप छाँव

    हरे पत्ते पीले पत्ते

    हरी घास पीली घास

    इस किस्से में है कुछ खास बात।।

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    Replies
    1. ओर ये कमेंट है बहुत ही खास!

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  4. अपनी-अपनी श्रद्धा :D

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  5. उर्दू सी थी वो,
    उल्टा ही चलती थी।

    पर अब यह कैसे बोलें कि हिंदी सीधी है?
    आखिर सब अपनी अपनी श्रद्धा है।

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