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निकम्मा फेसबुक!

"अरे तुम्हें  पता है माँ काफी गुस्से में थी आज!" 

"क्यों?"

"बोली ,कि मैं दिखती नहीं हूँ फेसबुक पर उन्हें। उनसे छुपाकर काम करती रहती हूँ अपना।"  

"तो तुमने क्या बोला?"

"मन तो हुआ पूछूं कि 'देखना क्या है?' फिर भी समझाने की कोशिश की, कि मेरे पोस्ट्स देखने के लिए उन्हें लाइक करते रहना होगा।"

"तो?"

"बस गुस्सा हो गईं! बोलीं, 'पसंद न आये तब भी? काम तुम्हारे पसंद करने लायक होते तो है नहीं! लाइक किस बात का दूँ?'"

"अब कौन उनको एलगोरिदम  समझाए!"

"वही तो! उनकी शिकायत  ये है कि फेसबुक हमारे छोटे शहर के पडोसी की तरह क्यों नहीं बन जाता?"

"कैसे?"

"तुम चाहे कितना भी अनदेखा करो अपनी लड़की को, वो आ कर बताकर जाएंगे, 'आज देखा आपकी लड़की को वहां पुराना किला के पीछे सेल्फ़ी खींच रही थी किसी अधेड़ उम्र के आदमी के साथ! और फिर तो कुछ हद्द ही हो गई! मैंने देखा कि कोई छोटे से लड़के के साथ गले में हाथ डाले घूम रही है सुन्दर नर्सरी में।कितना हस हस कर बातें कर रहे थे दोनों - क्या बताऊँ मैं आपको!"

photo credit: ‘Gossip at the West Gate’ by cowyeow on www.flickr.com
"हाँ! और बोलेगा, 'ये लीजिये आपके लिए फोटो भी ले आया! बिलकुल आपके दरवाज़े पर। सम्भालिए अब खुद ही!  वैसे फ़ोन पर खरी-खरी सुनाना कुछ कम कर दीं हैं क्या? ४० की है तो क्या हुआ? कुछ भी करेगी?! लोग क्या कहेंगे?' "

"क्या बात! क्या बात! ऐसा कुछ करे तब न माने इसको।"

"हाँ! ये फेसबुक तो बहुत ही निकम्मा निकला यार! माँ के किसी काम का नहीं!"


photo credit: ‘Gossip at the West Gate’ by cowyeow on flicker.com

Comments

  1. तुम न हमें डोरा द एक्सप्लोरर से लगते हो, जो रास्तों को सफ़र बना देते हो, तुम न हमने बॉब द बिल्डर से लगते हो जो बातों को दास्तां में तराश देते हो।

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    1. अरे! तुम दिल खुश कर देते हो! काश के मैं ये सब बन जाऊं !

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  2. Kambakht algorithm... iski itni majaal

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    1. haaN yaar dekho toh! Mummy ko ignore karta hai!!

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  3. लड़किया बड़ी हो जाती है यह तब पता चलता है जब पडोसवाले आ कर बताते है कि थोड़ा नजर रखो अपनी बेटी पर या बहन पर।।।
    अब तो लोग यह भी देखने लगे है कि अरे तुम्हारी बीबी ने तो टैटू बनवाया है, फलाने की बहुरिया न स्कूटी से अकेले ही बाजार गयी थी और कई बार तो रात को बारह बजे लौटती है दुल्हन का सृंगार करके।।
    कंट्रोल नही है भाई साहब का बीबी और बच्ची पर, जीन्स पहनाते है।।कही ऐसा होता है क्या।हमारे घर मे देखो पैर के नाखून तक नही दिखते है।।।

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    1. Facebook ko bhi ye sab karna chahiye! Achche padosi ka kartavya bhul gaya ye ;)

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  4. Mostly mummys ki shikayat....kaam tmhare pasand krne layak to hote nhin hai....Ab kmabkt facebook ko kaun smjhaye mummy ki demands. Waise Facebook se aadhe rishtedar mummy's ko bata hi dete hain unki ladki kya krti rehti hai.

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    1. hahahha Archana! keep the relatives away my dear.. use the features

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  5. Very well crafted. Vaise aajkal padosiyon ka bhi authentic source of information Facebook hi hai. Facebook+ tadkaa by padosis= deadly combination.

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