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दुनिया की सबसे पुरानी कहानी, दूध का दूध और पानी का पानी!

 "क्या हुआ?"

"अरे वही! दुनिया की सबसे पुरानी कहानी, दूध का दूध और पानी का पानी!" 

"अरे कमाल! पर ये हुआ कैसे?" 

"बड़बोले भाईसा'ब कल निकल लिए चोरों की तरह।"

"क्या बात करती हो! बड़ा दूध का धुला लगता था वो तो, कम से कम उसकी अपनी बातों से।"  

"हाहाहाहा! एक गड़बड़ हम में क्या है जानते हो? वो जो एक तो करेला उपर से नीम चढ़ा होते है न - पता नहीं हम क्यों उन्हें सच्चा भी मान लेते है!" 

"अरे अपना ढोल कोई खूब पीटे तो आवाज़ तो फिर भी होती ही है न? जानते तो हम है के अधजल गगरी छलकत जाए, पर भूल जाते है!!  इनकी सुनो तो इनसे बड़े सच्चे, क्रांतिकारी, मानविकता से भरपूर लोग है ही नहीं! पर बस देखते रह जाओगे के पहला मौका लगते ही चोरी पर उतर आते है! पता नहीं तब सच्चाई कहाँ जाती है!" 

"आह! अब से ऐसे मियाँ मिट्ठू की आवाज़ आते ही सोच लेना पड़ेगा की दाल में कुछ काला है!"

"और बता भी देना के यहाँ उनकी दाल नहीं गलेगी!"

"ठीक!"

"और हाँ! इन थाली के बैगनों को कोने में सरकाकर ही रखो! और शक्ल दिखाने आए तो बोल दो, "मियाँ अब रहने दो आप! ये मुँह और मसूर की दाल?"

Comments

  1. Do baar padhne pe samjh aaya but baat pate ki kahi hai ! Bilkul solha aane sach!

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  2. Actually! Thaali ke baigan, muh miya mitthu, ---all too familiar, we all come across such people, and when we isolate ourselves from them they are most disturbed . But samay kai baar doodh ka doodh aur pani ka pani kar deta h. Ek aur naya mudda we all can identify with but only you have ability to paint it in such amusing n light hearted way.👍👌

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    1. Hugs and thank you my friend! You are way too kind...

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  3. Har muhaware ka istemaal sateek jagah pr kiya hai.

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