"एक बात पूछनी थी। पर्सनल सा है... "
"हमम!"
"पूछूँ ?"
"पूछ लो। पूछने का परमिशन है। पर जवाब की गरंटी नहीं!"
"तो फिर रहने दो!"
"अरे! रिस्क भी तो कोई चीज़ होता है। नहीं पूछा तो जवाब न मिलना पक्का है! पूछो तो फिफ्टी! फिफ्टी!!"
"अच्छा बढ़ाओ थोड़ा! पचहत्तर कर लो!"
"अरे नहीं नहीं! पचहत्तर बहुत ज्यादा है! साठ कर सकती हूँ!"
"कोशिश तो करो! हो जायेगा।"
"अच्छा चलो! न तुम्हारी न मेरी! सत्तर पर फाइनल करते है! इससे बेहतर गारंटी कहीं नहीं मिलेगा! बता देती हूँ!'
"उफ़्फ़ ये जान लेवा है मोल भाव तुम्हारे!!"
"हमम!"
"पूछूँ ?"
"पूछ लो। पूछने का परमिशन है। पर जवाब की गरंटी नहीं!"
"तो फिर रहने दो!"
"अरे! रिस्क भी तो कोई चीज़ होता है। नहीं पूछा तो जवाब न मिलना पक्का है! पूछो तो फिफ्टी! फिफ्टी!!"
"अच्छा बढ़ाओ थोड़ा! पचहत्तर कर लो!"
"अरे नहीं नहीं! पचहत्तर बहुत ज्यादा है! साठ कर सकती हूँ!""कोशिश तो करो! हो जायेगा।"
"अच्छा चलो! न तुम्हारी न मेरी! सत्तर पर फाइनल करते है! इससे बेहतर गारंटी कहीं नहीं मिलेगा! बता देती हूँ!'
"उफ़्फ़ ये जान लेवा है मोल भाव तुम्हारे!!"
Kajli Roy wrote: 😁 अरे इतना मोलभाव एक सवाल के जवाब के लिए 😁सवाल डरावना होगा जरुर 🙄
ReplyDeleteRisk appetite..ka chakkar nai hai
ReplyDeletethappad ka chakkar hai.
Pyar se darr nai lagta sahib,thappad se lagta hai shayad. Ya apke mamle mein reply mein miley huye bhashan se....😜😜😜
Kya yaar Nitika! Mai bahut hi non-violent hu ;)
Deleteमोल भाव तो नॉन वायलेंट ही होता है।
Delete