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काली के चार हाथ!

"ये तुम्हारा इस फोटो में हाथ बांधकर खड़े होना थोड़ा अजीब है!" 

"कैसे?" 

"अरे पीछे वाली को देखो हाथ ऊपर है उसके सामने तुम खड़ी हो ! मूड ही बदल दिया उसका!" 

"ओह हो! तुम ही मुझे काली बोलते हो न? तो ऐसे सोचो के मैं काली हूँ! दो हाथ डिफेन्स मुद्रा में, दो हाथ ऑफेन्स मुद्रा में ! अब ठीक है?" 

"हाँ! अब ठीक है! पर जुबां तो बाहर निकाल लेती तुम, सही इंटरप्रिटेशन में मदद के लिए!" 

"कैसे निकालती? पैरों तले तुम जो नहीं थे!" 


"अरे उस विजुअल की ज़रूरत ही क्या है? वो तो सर्वजन-विदित है! परम सत्य है!"

"उफ़!"

Comments

  1. Waise aaj ki kaali maa Juva bahar nahi nikalati..advance ho gai hai

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    1. Aur Diti ne kaha, sahi kiya chadh gayi seene par.. Jeebh kyu nikale bhala!!

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    2. आजकल की काली
      थोड़े अलग मिज़ाज़ वाली

      सीने पे पैर और जिव्हा ना निकाली
      बुलंद आवाज़ है इसकी, है क़लम भी पैनी वाली

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    3. Oh ho! Bahut sahi! Aajkal ki kalee

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    4. पढ़े पोस्ट जब दोस्त अज़ीज़

      अज़ीब ख्याल आये इसको

      करे कमेंट अज़ीब

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    5. अज़ीज़ दोस्त के अजीब कमैंट्स जारी रहे! सुना है कुछ सुपर फैन प्राइज भी होता है!

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    6. इंतज़ार है

      इम्तिहाँ हो गई इंतज़ाम की

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    7. अरे अरे! उम्मीद पर दुनिया कायम है!

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  2. Hamare shayar sahab ko baksh do. Pairo main rakhne ke liye humare paas badhiya quality ke do rashtriya asur hai.

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    1. Shayar sahab kaun? Rashtriya asur ko rakhne ke liye Durga roop lena padega na!! :D

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