"कल जब हम मिले तुम बहुत ही cute लग रही थी!"
"जब मिले तब? बाद में नहीं?"

"हाँ यार! बस दो चार सेकंड के लिए! बाद में तो नॉर्मल हो गयी!"
"वाह वाह! बड़प्पन देखो तुम्हारा! दो चार सेकंड याद भी रखा और बोल भी रहे हो!"
"वो तो मेरा दिल है ही थोड़ा बड़ा! पर अभी मैं ऑफिस कॉल में हूँ! तुम party- return!! मुझे तंग मत करो!"
"तुम ऐसे लेटे लेटे ऑफिस का कॉल कर रहे हो?"
"हाँ पियक्कड़!!"
"अरे बहुत शोर है यार बारापुला के रस्ते में! तुम मुझे प्रिये बोल रहे हो और मुझे पियक्कड़ सुनाई दे रहा है!"
"मैं पियक्कड़ ही बोल रहा हूँ!"
"बताओ! जनाब लुढ़क रहे है! फैले हुए हैं! काम भी किसी तरह लेटे लेटे हो रहा है! और मुझ पर ये सब इल्जाम!"
"अब क्या करें! अंदर तक जकड लिया है तुमने! जड़ें और फैले, इसलिए फैला हुआ हूँ मैं! बस इसीलिए लुढ़का हुआ-सा दिखता हूँ!"
"वैसे हमने साल भर पहले सोचा था ये जड़ों का फैलना, रगों में दौड़ना कुछ ही समय के लिए होता है! फिर दुनिया-दारी! रस्मों-रिवाज़!"
"कितनी गलत निकली तुम!"
"हाँ यार! मैं तो अक्सर ग़लत निकलती हूँ! क्या करे! तो अब भी है क्या?"
"क्या?"
"अरे वही...... "
"शराबी चुड़ैल! बात तो पूरी करो!"
"कबाबी इंसान! दिल तो पूरा खोलो!"
"हाहाहाहा! बहुत ही लजीज़ हो तुम कोरमा-ए-चुड़ैल!!"
"हमममम ..... और क्या खुश-ज़ायका हो तुम शराब-ए-इंसान!!"
* लजीज़ और खुश-ज़ायका: both are adjectives often used to describe good food in Urdu.
Bahut hi zayekedaar he yeh🤤🤤 want some more😍
ReplyDeleteI love the comment! Indeed ye dil maange more :*
DeleteHa hahhhh
ReplyDeleteSuper duper, jayekedaar discussion..
Thank you Priyanka!
Deletebohot khoob
ReplyDeleteShukriya!
DeletePriye,piyakkad, kabab, shabaab laziz vynjanon se bhra hua bahut acchi guftgoo hai
ReplyDelete❤️❤️ Thank you Archana..
DeleteAb ye laziz e guftagu ho rha hai...Feeling ....Gazab Sazag Talab
ReplyDeleteAao sab ulat pulat kare!
DeleteYh abjectives bhi gazab h... I can feel the fragrance too...
ReplyDeleteThank you Bima.. खुसबू से बहुत लगाव है इंसान को 😊
DeleteI mean adjectives.....Bima
ReplyDeleteRight..
Delete