"सुनो! आज एक बहुत अच्छी बात हुई! शांति का एडमिशन हो गया!!"
"अब ये शांति कौन है?!"
"अरे रे! तुम भी यार! कुछ भी नहीं याद रहता!"
"देखो! एक तो तुम अचानक नया किरदार ले धमकती हो! और साथ में एक धमाकेदार बात भी जोड़ देती हो।"
"कैसे?"
"जैसे, सफी चाँद पर चला गया! अब कौन सफी? किस दिन का चाँद? चला क्यों गया?! री-एंट्री भी एक इंट्रो के साथ होता है भाई! ये नहीं के बस यूँ ही आ धमके!"
"हमममम!! मैंने माना के मेरी ज़िन्दगी कुछ कुछ रशियन-नॉवेल जैसा है! कुछ ज्यादा ही किरदार है इसमें। पर तुम ये तो मानोगे के कहानी बहुत दिलचस्प है?"
"उफ़्फ़!"
"और अब तुम भी इसी कहानी का हिस्सा हो, तो आदत डाल लो! फोटो देखोगे उसका?"
"बिना दिखाए तुम कहाँ मानोगी?"
"मान तो मैं जाउंगी, पर तुम्हारे लिए ठीक नहीं है !"
"ऐसा क्यों?"
"बोलते है, दृश्य से जुड़ने से यादें पक्के हो जाती है। तुम्हारी याददाश्त का हाल देख ही रहे हो! फोटो बेहद ज़रूरी है!"
"कुछ भी बोलो अब तुम बस!"
"अरे सच! देखो! इवान तुर्गनेव ने वैसे किसी की मदद तो कि नहीं, लेकिन दिल है मेरा! तुम्हारे मदद को हमेशा तैयार!"
"हाहाहाहा! पूरी पागल हो तुम!
"और ज़िन्दगी के इस दिलचस्प कहानी में तुम्हारी सबसे पसन्दीदा किरदार भी! 😇"
"सो तो है!! "
"अब ये शांति कौन है?!"
"अरे रे! तुम भी यार! कुछ भी नहीं याद रहता!"
"देखो! एक तो तुम अचानक नया किरदार ले धमकती हो! और साथ में एक धमाकेदार बात भी जोड़ देती हो।"
"कैसे?"
"जैसे, सफी चाँद पर चला गया! अब कौन सफी? किस दिन का चाँद? चला क्यों गया?! री-एंट्री भी एक इंट्रो के साथ होता है भाई! ये नहीं के बस यूँ ही आ धमके!"
"हमममम!! मैंने माना के मेरी ज़िन्दगी कुछ कुछ रशियन-नॉवेल जैसा है! कुछ ज्यादा ही किरदार है इसमें। पर तुम ये तो मानोगे के कहानी बहुत दिलचस्प है?"
"उफ़्फ़!"
"और अब तुम भी इसी कहानी का हिस्सा हो, तो आदत डाल लो! फोटो देखोगे उसका?"
"बिना दिखाए तुम कहाँ मानोगी?"
"मान तो मैं जाउंगी, पर तुम्हारे लिए ठीक नहीं है !"
"ऐसा क्यों?"
"बोलते है, दृश्य से जुड़ने से यादें पक्के हो जाती है। तुम्हारी याददाश्त का हाल देख ही रहे हो! फोटो बेहद ज़रूरी है!"
"कुछ भी बोलो अब तुम बस!"
"अरे सच! देखो! इवान तुर्गनेव ने वैसे किसी की मदद तो कि नहीं, लेकिन दिल है मेरा! तुम्हारे मदद को हमेशा तैयार!"
"हाहाहाहा! पूरी पागल हो तुम!
"और ज़िन्दगी के इस दिलचस्प कहानी में तुम्हारी सबसे पसन्दीदा किरदार भी! 😇"
"सो तो है!! "


एकदम सही फरमाया - लेकिन ये मेरा दिल कहता है कि जन्दगी के इस दिलचस्प कहानी में आप सिर्फ किसी एक की नही जाने कितनो की सबसे पसन्दीदा किरदार होंगी आप..🤗
ReplyDeleteओह हो! कितनी अच्छी बातें करती है आप! मिलना पड़ेगा आपसे जल्दी!
Deleteपहला अध्यापक भी रशियन नावेल हैं क्या?
ReplyDeleteye toh nahi pata dost! usme bhi bahut character hai kya?
DeleteBut ye shanti ka kya hua.. ye toh farmaiye..
ReplyDeleteAur story mein kirdar kitne bhi aayein.. hum tum ka hona lajmi hai.. gar hum tum hai toh har kirdar,jee uthta hai.
Kitna sahi kaha mohtarma!
DeleteAmi ekhon tor sange sabdhane katha boli. Kobey dekhbo amar sange kono guftagu ekhane dastan hoy gache!
ReplyDeletehahahaha... sab guftagu te nanan rokom dastan lukiye thake, ki bol?
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