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थोड़ा सा रूमानी हो जाए!

"अभी वीडियो कॉल नहीं कर सकती! ईयरप्लग लाना भूल गई और उबर में हूँ!"
"उबर कब से हो गया! तुम्हारा तो इउ-बर था न?"
"बस एक गलती होने की देर और चिपट जाओ तुम!" 
"अच्छा नहीं चिपटता! कैमरा ऑन करो तुम !" 
"क्यों? ज़ोर ज़ोर से सुनाई देगा! टैक्सी में हूँ!"
"सुनाई देने दो!  मदद चाहिए मुझे। "
"अच्छा ये लो!" 
"अब बताओ इतना जीरा पॉवडर ठीक है ? अंडा करी बना लेता हूँ आज।  क्या बोलती हो?"
"सही है! पर जीरा कितना है?"
"जितना दिख रहा है उतना ही!"
"अरे ऐसे थोड़े ही समझ आता है? चम्मच से बताओ।  कितना चम्मच लिया था?"
"रुको! नाप कर देखता हूँ! "
"धनिया लिया?"
"हाँ! धनिया बताओ! आमचूर भी है!"
"टमाटर डालोगे न? फिर आमचूर क्यों?"
"चटपटा बनेगा!" 
"अरे नहीं! ज्यादा हो जायेगा! या तो टमाटर डालो या आमचूर! अचारी बिरियानी बनानी है क्या?"
"उफ़्फ़ क्या याद दिला दिया! चलो आमचूर कैंसिल! प्यांज़ देखो कितना बढ़िया कटा है!"
"वाकई बढिया है! अब चालू हो जाओ!"
"तेल देख लो!" 
"गरम कर लेना!" 
"इतना तो पता है मुझे। तुम भी न! चिपट जाओ बस! फ़ोन बंद करो अब।  खाना बना लेता हूँ!"
"बाई बाई!!"

उबर ड्राईवर, पीछे मुड़कर, 

"बहेनजी, भाईसा'ब आज इसलिए खाना बना रहे है क्यों के आप बाहर है?"
"नहीं नहीं! वो ही बनाते है!" 
"आप घर पर रहते है तब भी?" 
"हाँ! तब भी!"
"फिर इतना पूछा .... "
"अरे खाना मेरे पसंद का बनाना हो तो मसाले मेरे हिसाब से ही न डालेंगे! तो पूछ कर ही बनाना पड़ेगा न?"
"सच?!"
"एकदम! आप मसाला कम ज्यादा पर नहीं बोलतें कभी? नमक पर?"
"मैं तो .... "
"आप तो क्या?"
"जाने दीजिये अब! हे भगवान ... क्या दिन आ गए!!"
"अच्छे दिन!! पोस्टर्स नहीं पढ़ा आपने? पर आप भाईसा'ब मुँह बंद कर लीजिये।  मक्खी घुस जाएगी!"

Comments

  1. एक दम से मज़ा आ गया। मसालेदार! तुम्हारी तरह!

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    1. क्या मैं वो idiva स्टाइल में बोलूं, "हाय राम! मसालेदार बोला!!" हाहाहाहाहा !!

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  2. I would have loved to track the effects of this conversation on this driver, lovely matter of fact replies to his queries - then the last sentence..... Ha ha ha ha ha ha bemused driver certainly amused me

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    1. Shocked driver you mean? He was shocked for sure and I loved that my efforts to shock him worked ... hahaha

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  3. शुरू की कन्वर्सेशन से होकर खाने पर आना फिर ड्राइवर को समझा कर लास्ट वाला शब्द बोलना, "मुंह बंद कर लीजिए मक्खी घुस जाएगी"
    पढ़ कर मजा आ गया।

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    1. अरे! उनका मुंह खुला का खुला रह गया था अर्चना! जनसेवा में जारी करना पड़ा मैसेज ;)

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  4. मुझे याद दिला दिया, कई दिन से अंडा कड़ी नई बनाई मैंने। मैं टमाटर प्याज़ के साथ देसी घी भी डालना पसंद करता हूँ

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    1. अरे बात तो ये है न के पसंद किसकी चलेगी ;) हाहाहाहाहा....

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