"सुनो! तुम्हारा पति कंसलटेंट है न? मुझे जॉब देने बोलो!"
"हममम सॉरी! आपकी जानकारी काफी पुरानी है। मेरा बहुत सालों से कोई पति नहीं है! वैसे सच पूछिए तो "पति" तो कभी कोई नहीं था। मेरे पे मिलकियत कभी किसी की नहीं रही!!"
"अरे तुम फेमिनिस्ट टाइप्स भी न! मिलकियत छोड़ो! ये बताओ, उसने तुम्हे क्यों छोड़ दिया?"
"अच्छा!! छोड़ देना ज़रूरी है क्या? अलग नहीं हो सकते?"
"अरे ऐसे कैसे! कुछ तो हुआ होगा!"
"जिस दिन क़िस्सा-गोई का मन बनाउंगी सबसे पहले आप को ही बताउंगी! फर्स्ट रौ में सीट ले लेना आप!"
"अरे कुछ तो बताओ! अंदर की बात! शर्माती क्यों हो? ऐसे और बहुत से क़िस्से मैं जानती हूँ! Let's discuss!"
"अच्छा?! ऐसा है क्या? Actually क्या बताऊँ! बहुत ही unreasonable था वो ! बस एक दिन मैं शराब पी कर आयी और गुस्से में एक चांटा लगाया। एक ही! कसम से। बस!! इतने से बात पर चला गया छोड़कर!! इतने से कोई जाता है क्या? आप ही बताइये! शादी के बाद ये घर ही उसका अपना घर था न? पर चला गया! क्या ज़माना आ गया है!"
"अरे बाप रे! क्या बोल रही हो! मज़ाक कर रही हो न?"
"आप serious थी क्या?!"
"हममम सॉरी! आपकी जानकारी काफी पुरानी है। मेरा बहुत सालों से कोई पति नहीं है! वैसे सच पूछिए तो "पति" तो कभी कोई नहीं था। मेरे पे मिलकियत कभी किसी की नहीं रही!!"
"अरे तुम फेमिनिस्ट टाइप्स भी न! मिलकियत छोड़ो! ये बताओ, उसने तुम्हे क्यों छोड़ दिया?"
"अच्छा!! छोड़ देना ज़रूरी है क्या? अलग नहीं हो सकते?"
"अरे ऐसे कैसे! कुछ तो हुआ होगा!"
"जिस दिन क़िस्सा-गोई का मन बनाउंगी सबसे पहले आप को ही बताउंगी! फर्स्ट रौ में सीट ले लेना आप!"
"अरे कुछ तो बताओ! अंदर की बात! शर्माती क्यों हो? ऐसे और बहुत से क़िस्से मैं जानती हूँ! Let's discuss!"
"अच्छा?! ऐसा है क्या? Actually क्या बताऊँ! बहुत ही unreasonable था वो ! बस एक दिन मैं शराब पी कर आयी और गुस्से में एक चांटा लगाया। एक ही! कसम से। बस!! इतने से बात पर चला गया छोड़कर!! इतने से कोई जाता है क्या? आप ही बताइये! शादी के बाद ये घर ही उसका अपना घर था न? पर चला गया! क्या ज़माना आ गया है!"
"अरे बाप रे! क्या बोल रही हो! मज़ाक कर रही हो न?"
"आप serious थी क्या?!"
Hahaha ROFL... Made my day today..
ReplyDeleteChummeshvari performance 😂😂🤪
Hahaha... Coming to take it in person😜
DeleteYour best, so far!
DeleteThank you so much Sudeshna :*
DeleteThis is the best one.
ReplyDeleteWaise di......Mujhe aapke blog se bahut se idea milte hain.....
Super ! hum "feminist types" - what a menace to the society
ReplyDeleteSuch a menace! uff!
DeleteHahaha...good one!
ReplyDeleteThank you!
DeleteYe to super duper hit wala hai... 😄 andar ki baat sun ke kaisa laga hoga ye jaroor bataiyega.
ReplyDeleteAaj ke bad kisi ke andar ki baat janne ki koshish nahi karengi ye😃😄. Sach me maza aa gaya😘
Kam se kam mere ghar wapas aane se pahle sochegi! ;)
DeleteHa hahhhhh
DeleteSach me😃
Koi pakadkar rakhta hai to use chhodna ya chhudwana padta hai! Saath rehne se ye nahi hota, hai na!
ReplyDeletepar yeha gender angle hai. Mard hi chhoda hoga!! ye samajh hai ..
Deleteबहुत खूब दी.. ये ज़िन्दगी हमारी अपनी है और इस पर हमारा ही अधिकार है फिर कोई दूसरा कैसे अपनी मर्जी चला सकता है.. रही बात छोड़ने की तो ये कारवा अब शुरू हो चुका है जो रुकने वाला नही... कोमल है कमजोर नहीं तू शक्ति का नाम ही नारी है, जग को जीवन देने वाली मौत भी तुझसे हारी है...
ReplyDeleteवाह दीदी बहुत बढ़िया... ऐसा ही जवाब देना चाहिए की कोई दुबारा पूछने की कोशिश भी ना करे।😊
ReplyDeleteBehtereen likha hai..
ReplyDeleteThank you Najaf!
DeleteThis is by far the best. Loved it.
ReplyDeleteसटीक कटाक्ष, इतनी छोटी बात पे कोई घर छोड़ कर कैसे जा सकता है। 😊😊👍👌
ReplyDeleteUsne tumhe kyu chhoda????......arre bhai apne theek se suna nahi...usne mujhe nahi...maine use chhoda....ab to Zahir hai galti uski hai...kuch samjhane ki zaroorat to nahi hai na...😁😁😁😁
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