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छिपकली की डेट

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"कल बहुत ही मुसीबत हुई! एक छिपकली घुस आयी थी घर में!"

"अरे अरे! वो तो मज़ेदार होती है ! कभी देखा है उसका पूँछ कट जाने पर भी कैसे आपने आप लोट पोट होती रहती है ?" 

"उफ़! चुप हो जाओ! मेरे रोंगटे खड़े हो जाते है सोच कर भी! कल तो हद ही हो गया!"


"क्यों? उसने पूँछ अपने आप गिरा दी?"

"नहीं! 🙄 सुनो तो! मैंने स्प्रे किया छिपकली के ऊपर, दूर से, ताकि बेहोश हो जाए! लेकिन उस पर कुछ फ़र्क पड़ता नहीं दिखा!" 

"अच्छा?! क्या स्प्रे किया! छिपकली को बेहोश करने वाला स्प्रे आता है? तुमने अपना संदल  परफ्यूम तो नहीं स्प्रे कर दिया? पता चला छिपकली आई आज भी और बोली, "Aunty! वह कल वाला स्प्रे फिर से करो न प्लीज.... डेट पर जाना है!"


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