"तेरे आस पर जिए हम /तो ये जान झूठ जाना! चाचा ग़ालिब माफ़ करेंगे मेरी ये गुस्ताखी! तुमने मेरे दिल पर दराती जो चलाई!"

"किस बात पर चली दराती?"
"मेरे इतने सुन्दर फोटो पर ऐसी कटुक्ति! दराती नहीं चलेगी?"
"बस!? इतनी सी बात पर दराती चल गयी? ये तो कुछ भी नहीं था।दराती चलाने में मुझे ख़ास महारत हासिल है! चलेगी दराती भी। तुम बस बनी रहो!"
"न बाबा! माफ़ करो! रहम करो मुझ पर! चुनौती लगा क्या ये तुम्हे?"
"और नहीं तो?"
"अरे अरे! देखो, जिन पर तीर-नीम-कश चलाया जाता है उन को दराती के मामले में ढील मिलनी चाहिए!"

"अच्छा? ऐसा है क्या? चलो मान जाता हूँ। वरना इधर दराती पे धार देना शुरू भी कर दिया था!"
"बताओ! गाना गाना पड़ जाता अभी! "
"कौन सा?"
"ना तो चक्कुओं की धार/ ना दराती, ना कटार/ ऐसा काटे के दांत का निसान छोड़ दे..etc etc
ऐसे जालिम को छोड़ देने को कहा गुलज़ार ने ..... "
"हम्म्म! चलो! जालिम तो तुम हो ही और गुलज़ार का नाम भी आ गया! छोड़ दिया! बच गयी तुम! "

"किस बात पर चली दराती?"
"मेरे इतने सुन्दर फोटो पर ऐसी कटुक्ति! दराती नहीं चलेगी?"
"बस!? इतनी सी बात पर दराती चल गयी? ये तो कुछ भी नहीं था।दराती चलाने में मुझे ख़ास महारत हासिल है! चलेगी दराती भी। तुम बस बनी रहो!"
"न बाबा! माफ़ करो! रहम करो मुझ पर! चुनौती लगा क्या ये तुम्हे?"
"और नहीं तो?"
"अरे अरे! देखो, जिन पर तीर-नीम-कश चलाया जाता है उन को दराती के मामले में ढील मिलनी चाहिए!"

"अच्छा? ऐसा है क्या? चलो मान जाता हूँ। वरना इधर दराती पे धार देना शुरू भी कर दिया था!"
"बताओ! गाना गाना पड़ जाता अभी! "
"कौन सा?"
"ना तो चक्कुओं की धार/ ना दराती, ना कटार/ ऐसा काटे के दांत का निसान छोड़ दे..etc etc
ऐसे जालिम को छोड़ देने को कहा गुलज़ार ने ..... "
"हम्म्म! चलो! जालिम तो तुम हो ही और गुलज़ार का नाम भी आ गया! छोड़ दिया! बच गयी तुम! "
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