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मटन बनाने का असली तरीका!

"मटन बनाने का तरीका खास ही होता है! आज कल के बच्चे तुम क्या जानो मटन कैसे बनता है?" बाबा बोले।

"आप बनाएंगे?"

"बिलकुल! खास मौका भी है!"

"अच्छा! तो प्रेशर कुकर निकाल दूँ?"

"यही तो गड़बड़ है तुम लोगो में! प्रेशर कुकर ने सारा खाना खराब कर रखा है! मैं  कढ़ाई में पकायूँगा! "

"ओके बाबा! तो पहले क्या करना है आपको?"

"कढ़ाई चढ़ाओ और तुरंत तेल डालो!"

"कढ़ाई गरम होने से पहले ही? मटन चिपक जायेगा!!"

"उफ़! तो गरम कर लो! सब मैं ही बतायूँ? ओह हो ! इतना तेल मत डालो!"

"पर बाबा! मटन है! तेल तो चाहिए न?"

"अरे अरे! रियाज़ी खासी नहीं लाये तुम? फिर डालो तेल!! हमारे ज़माने में तो रियाज़ी के बग़ैर मटन लाया ही नहीं जाता था!", बाबा एकदम हताश थे मेरे इस लापरवाई से! मैंने इग्नोर किया!

"अब क्या डालना है आप को?"

"चीनी! कलर अच्छा आना चाहिए!"

"आलू डालना था न मटन में?"

"हाँ, तो?"

"तो पहले वो नहीं भूनेंगे? "

"ओके ओके! भून लेते हैं!"

"अच्छा! फिर?"

"फिर क्या? प्याज़ है न? काट के गयी कामवाली? वही डालेंगे! पतले और लम्बे? मोटे मोटे तो नहीं है? "

"और खड़े गर्म मसाले?"

"वो अभी डालतें हैं?!"

"हाँ बाबा!"

"तो लायो भाई वो भी! डाल ही देतें है!"

"बाबा, लोंग फूटता है तेल में डालने पर।"

"अरे कुछ नहीं होगा!", बाबा फूटता हुआ लोंग डज करते हुए बोले!

"आप शर्ट चेंज कर लीजिये! अब मशाले का छींटा शर्ट पर आएगा!"

"अरे नहीं!"

" बाबा खाना रोज़ मै बनाती हूँ के आप?"

"रोज़ तो तुम बनाती हो! लेकिन कैसा बनाती हो..... "

"हाँ हाँ! वो बाद में डिसकस करेंगे! अभी शर्ट  चेंज कर लीजिये।'

"अच्छा! प्याज़ डाल दिया! अदरक लहसन भी! अब तुम चलाओ! मैं थक गया हूँ! सिगरेट पी कर आता हूँ! देखना नीचे लग न जाए! आदत तो तुम्हे प्रेशर कुकर की है! कढ़ाई का बनाना तुम क्या जानो ..... "

"बाबा!! आप चचा छक्कन के बारे में जानते है? या अंकल पोजर?"

"अरे छोड़ो! ऐसे नाम वालों को क्या जानना!" बड़बड़ाते हुए बाबा बालकनी के तरफ चले गए....

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