"चलो! आज थोड़ा ज़ायक़ा बदलते हैं! दिल्ली के रास्तों में आज मैं तुम्हे फॉलो करती हूँ। नहीं तो हर रास्ता मैं ही बताती रहती हूँ!"
"चुप रहो! कुछ भी!"
"सच को दबा नहीं सकते तुम! सच तो सामने आकर रहेगा! इंक़िलाब ज़िंदाबाद! हर ज़ोर ज़ुल्म के टक्कर में संघर्ष हमारा नारा हैं !"
"अरे अरे!! वैसे ये तो होना ही था! क्रांतिकारी से जो इश्क़ कर लिया! हर बात पर मोर्चा! यह है मिज़ाज इश्क़ के तेरे!"
"फैज़-वाला इश्क़ है ये!"
"जिस्म पर मेरे तेरे लबों के एक भी निशान नहीं! बस झंडे गाढ़ जातें है वह! क्रांतिकारी से इश्क़ कर लिया!"
"ओय होय! मार ही डालो! तुमने लिखा?"
"हाँ! और क्या! अब चोर तो मत कहो! वैसे ये लाइन्स औरतों के हो तो ज्यादा फिट रहेगा, नहीं? सैयां मोरा क्रांतिकारी!!"
"बताओ! कितनी पैट्रिआर्केल दुनिया हैं! क्रांतिकारी सिर्फ मर्द होते हैं?! झंडा सिर्फ वही गाढतें हैं?"
"उफ़्फ़्फ़! तुम भी ना!"
You are amazing ,
ReplyDeleteThank you for your kind compliment!
Deleteउफ्फ्....
ReplyDeleteहर जगह अपने आप को स्थापित करने मे लगे रहते है।
अरे जनाव... इश्क़ मे है आप, अब तो , patriarchy छोड़ दीजिये।
वरना, इस patriarchy के चक्कर में, इतनी खुबशुरत इश्क़ का साथ न छुट जाए।
हाहाहाहा ..... वही तो!! वैसे क्रांतिकारी से इश्क़ किया है, समझ ही जाएंगे लगता है!
DeleteThese guftagus would write a new revolution my friend. I can see Faiz smiling ❤❤
ReplyDeleteAmen!
DeletePyar krantikari hi kar saktey hai..
ReplyDeleteYe hum or tum ke chakkar mein kahin pyar ne inquilab ched diya toh janab ke haal kharab ho jayeingey..
Babu ji dheere chalna,pyar mein jara smabhalna...😝😝🤪
हाँ! प्यार सिर्फ क्रांतिकारी ही कर सकते है! बाकी-लोग ढाई आखर का गवन करते है। जैसे वर्ल्ड बैंक ने सामाजिक न्याय जैसे शब्दों का गवन किया है, ठीक वैसे!
Deleteऔर मेरी जान! प्यार संभल कर किया तो क्या किया!
देखो सखी नयना। यूँ तो "क्रांतिकारी" भी बहुत देखे हैं हमने, वो भी patriarchy से कहाँ बच पाते हैं। पर इंक़लाबी इश्क़ बोला है तो उम्मीद की जा सकती है। बाकी देखा जाएगा।। और इसलिए "" "' में लिखा है। नही तो क्रांतिकारी शब्द के साथ patriarchy लिखने का दिल नही करता । अपमान न हो जाये गौरवपूर्ण इतिहास का।
ReplyDeleteइंकलाबी इश्क़ ही है जो हमें एक दिन सही मायने में मुक्त करवाएगी! The इश्क़ will make us free..some day... deep in my hear.. I do believe.. the इश्क़ will make us free some day ;)
Delete"बताओ! कितनी पैट्रिआर्केल दुनिया हैं! क्रांतिकारी सिर्फ मर्द होते हैं?! झंडा सिर्फ वही गाढतें हैं?"
ReplyDeleteBest Dialogue ever :-D
Oh ho! Thank you! Thank you! Taking a feminist bow there ..hahaha
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